एक समय की बात है ज्ञानी शिरोमणि परमतेजस्वी मुनिवर गर्ग जी, जो योग शास्त्र के सूर्य है, शौनक जी से मिलने के लिए उनके आश्रम में आये . उन्हें आता देख शौनक जी ख़ुशी से उठकर खड़े हो गये और उनका स्वागत किया . उनके बैठने के बाद शौनक जी ने कहा . महात्मा, मेरे मन में यह जिज्ञासा उत्पन्न हुई है कि भगवान के अवतार कितने प्रकार के है ? कृपया मुझे बताये !